#
स्थान: दिल्ली एनसीआर और नोएडा

अखण्ड ब्रह्माण्ड नायिका माँ बगलामुखी

(ब्रह्मास्त्र विद्या)

दतिया
दतिया
नलखेड़ा
नलखेड़ा
कांगड़ा
कांगड़ा
📞 संपर्क: +91 9887084203
📞 संपर्क: +91 8690084203

बगलामुखी प्रयोग

#

बगलामुखी पूजा एवं हवन

अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: दिवस
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: 36-अक्षरी मंत्र से हवन
अनुष्ठान: औषधि हवन
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी राजसी प्रयोग

उद्देश्य: राजनीति, उच्च प्रशासनिक पद और व्यापार में शीर्ष स्थान प्राप्ति हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी स्तंभन प्रयोग

उद्देश्य: शत्रुओं की गतिविधियों और विपरीत परिस्थितियों को नियंत्रित करने हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट अर्चन, इष्ट स्थापना
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी विद्वेषण प्रयोग

उद्देश्य: नकारात्मक बुद्धि वाले शत्रुओं के बीच मतभेद उत्पन्न कर उनमें विद्वेषण कराना।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: औषधि हवन
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी श्री प्रयोग

उद्देश्य: आर्थिक समृद्धि और धन-धान्य की वृद्धि हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी बलिवर्द प्रयोग

उद्देश्य: शत्रुओं पर विजय प्राप्त हेतु व विजय हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी सम्मोहन प्रयोग

उद्देश्य: व्यक्तित्व को प्रभावशाली बनाने और विश्वास जीतने हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: औषधि हवन
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी उच्चाटन प्रयोग

उद्देश्य: शत्रु का उच्चाटन कर उसकी रणनीतियों का भेदन करना।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी शत्रुंजय प्रयोग

उद्देश्य: शत्रुओं पर विजय और अदालती मामलों से मुक्ति हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी वशीकरण प्रयोग

उद्देश्य: संबंधों में मधुरता लाने और रिश्तों को सुधारने हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी रक्षा प्रयोग

उद्देश्य: दुष्ट बुद्धि वाले शत्रुओ से रक्षा हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: औषधि हवन
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी वाक्-स्तम्भन प्रयोग

उद्देश्य: शत्रु की वाणी का स्तम्भन कर विजय प्राप्त करना।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बगलामुखी काम्य प्रयोग

उद्देश्य: कामनाओं की पूर्ति और कार्य सिद्धि हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

हरिद्रा गणेश प्रयोग

उद्देश्य: बाधाओं को दूर करने और सफलता प्राप्ति हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

बटुक भैरव प्रयोग

उद्देश्य: भय और नकारात्मक ऊर्जा से मुक्ति हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

स्वर्णाकर्षण भैरव प्रयोग

उद्देश्य: आर्थिक स्थिरता और अचानक धन प्राप्ति हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा
#

शिव शक्ति प्रयोग

उद्देश्य: आध्यात्मिक उन्नति, शांति और आरोग्यता हेतु।
अनुष्ठान का विवरण:
गुरुजी: पूज्य गुरुजी के मार्गदर्शन में संपन्न।
समय अवधि: कुल 31 दिवस।
प्रक्रिया:
✓ स्वस्ति वाचन
✓ संकल्प
✓ गणपति पूजन
✓ इष्ट सहस्त्रार्चन
✓ इष्ट निवेदन
✓ अर्जी
विशेष: प्रथम दिन नांदी श्राद्ध व इष्ट का अर्चन, इष्ट स्थापना।
अनुष्ठान: 25 रात्रि प्रयोग एवं 5 रात्रि विशेष हवन।
⚠️ सावधानियाँ:
यजमान को प्रयोग के समय पूर्ण ब्रह्मचर्य का पालन करना है तथा अभक्ष्य (अशुद्ध) पदार्थों का भक्षण वर्जित है।
दक्षिणा